मारना नही, जीना सिखाया है…

 

तुमसे जो जाना है , हमने वो माना है….

तुम वो हो जिसने सुनना नही, समझना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने देखना नही, महसूस करना सिखाया है…

तुम वो हो जिसने डरना नही, लड़ना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने खोना नही ,पाना सिखाया है…

तुम वो हो  जिसने  हारना नही , जीतना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने भूलना नही, याद रखना सिखाया है…

तुम वो हो जिसने रोते को , हॅसना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने भटके को , रास्ता दिखाया है…

तुमसे जो जाना है , हमने वो  माना है….

तुम वो हो जिसने भवँर मे डूबना नही, तैरना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने खुद को मिटाना नही , पाना सिखाया है…

तुम वो हो जिसने धूप मे भी , तपन को सहना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने काँटों मे भी , चलना सिखाया है…

तुम वो हो जिसने अंधेरों को भी, रौशन करना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने तूफ़ानो को भी, बेबस करना सिखाया  है…

तुम वो हो जिसने बुझती लौ को भी, जलना सिखाया है…
तुम वो हो जिसने मारना नही, जीना सिखाया है…

तुमसे जो जाना है , हमने वो माना है….

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