तुम

तुम बहुत मीठा बोलते हो,
हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो,
मिशरी की तरह, रस घोलते हो,

न कड़वा बोलते हो,
न शब्दों के तीर चलाते हो,
बिन कुछ बुरा कहे ही,

मीठे शब्दों मे ही,
कड़वा सच सुनाते हो,

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7 टिप्पणियाँ

  1. प्यार में अक्सर ऐसा ही कुछ होता है
    हर बात मीठी लगती है
    हर बात सच्ची लगती है
    हर आहट पर दिल धड़क जाता है
    हर झोके से सिहरन होती है
    हर पाती से खुशबु आती है
    हर शाम सुहानी लगती है
    हर रात सितारों से बातें होती है
    प्यार में अक्सर ऐसा ही कुछ होता है
    कभी यू ही दीवारों से बातें होती है
    कभी यूँ ही रोना आता है
    कभी यूँ ही हँसना होता है
    कभी यूँ ही गुमशुम बैठना भाता है
    कभी यूँ सजना-संवारना भाता है
    कभी यूँ ही राह तकना होता है
    कभी यूँ ही इंतजार करना होता है
    प्यार में अक्सर ऐसा ही कुछ होता है

  2. Good one….!

  3. jalebi ki tarah sidha hona ,kuchh aesi hi kahavat siddh ho rahi .ya yu kahe resham me lapet kar marna .bahut khoob .happy dashahara .

  4. छोटे रूप में महत्वपूर्ण बात…
    यही तरीका जायज़ है…

  5. great

  6. बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत सुन्दर कविता……….

  7. सही है!!


टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है.

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