सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे…

तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे
ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे
भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन्ज़िल मे
तन्हाई की शामों मे , अकेली रातों मे
 
सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे…

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2 टिप्पणियाँ

  1. kitne kam shabdo me aapne kitna sundar varnan kiya hai aapki upmaye gajab ki hai……..

  2. you too are an awesome writer….
    i liked it so much…..thanks….
    keep writing n sharing…..


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