..न हॅसना है, न रोना है..

चाहे देखें तुम्हारी जादूगरी,
चाहे  देखें तुम्हारी बेरूख़ी,
हमे बस अपने ही, बस मे रहना है…
न हॅसना है, न रोना है,
दिखना है, तो खुश दिखना है…

 

न चाहे मन ये मेरा, हँसने को, तो भी,
आँसू नही दिखना है,
दुनिया मे जो जीना है…

 

किसी को क्या बताए, दर्द है दिल मे,
दावा देने की कोशिश करेंगे,
वो अपने, जिन्होने दर्द दिया है…

दुनिया जी रही है,
अपनी ही खुशियों मे,
दर्द मे जो जीना है,
बस हमे ही जीना है…

दुनिया कहती है हंसों,
जब वो हँसे,
जो दर्द से रो रहा है,
न दिखता है वो किसी को…

न फ़ुरसत है किसी अपने को,
हमारे आँसू जो पोंछे,
जो जीना है तो,
उनकी खुशियों मे जीना है…

सबके अपने फसाने है,
सबके अपने बहाने है,
जो दावा बने इस दिल की,
वो मुझको ही बनाना है…

 रो रो कर बहुत
अब हमने ये माना है
दर्द जो मिला है मुझको,
उसे मुझको ही सहना है,
ना हॅसना है, ना रोना है,
दिखना है, तो खुश दिखना है…

 

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Published in: on जून 8, 2009 at 1:16 अपराह्न  टिप्पणी बन्द ..न हॅसना है, न रोना है.. में  
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