तुम कहते हो,वो बेवफा हो गया है…
प्यार मे दर्द, हर रोज़ दे गया है…
कभी सज़ा देता है, तो कभी रुला देता है…
जो जानते हो ये की, वो तुमसे प्यार किया करते थे…
तो अब ये मान लो…
उसने कही ज़्यादा उन्हे ही ,”प्यार” करने का अब वक़्त आ गया है…
दर्द ए दिल जो मिला है तुम्हे, दर्द ए दावा तुम बन जाओ…
क्यों भूलते हो उन पलों को, जिसमे वो तुम्हे…
दावा भी बनते थे, कभी दुआ भी देते थे…
माना की…
वो न लाएँगे अपनी ज़ूबा पर कभी तुम्हारा नाम…
वो न करेंगे दुनिया के सामने अपने प्यार का इकरार…
तुम उनकी इस जीझक को बेवफ़ाई न मानलो …
जो प्यार करते हो तुम भी उनको,तो ये जान लो…
वो दागा करे या वफ़ा करे प्यार मे…
तुम वफ़ा ही करो अपने प्यार से…
प्यार जब किया था तुमने…
क्या तब ये जाना था तुमने…
वो तुम्हे प्यार ही करेगा…
जो प्यार करने के पहले तुमने ये ना जाना था…
तो अब क्यों अपना प्यार कम करते हो…
वो ना करे, जो टूटकर तुमसे प्यार…
तुम लुट कर भी उन्हे प्यार कर लो…
जितना प्यार मिला है तुम्हे…
उसका शुक्रिया करो…
जो न मिल सका उसे पाने की दुआ करो…
प्यार मे जो केवल पाना न चाहे…
देना भी सीखे…
तो उसक प्यार कभी वेवफा ना होगा…
तुम ये जान लो…
प्यार मे बदला नही लिया जाता है …
खुद को बदल दिया जाता है…
जो तुम ये मान लो, तो…
दिल का हर दर्द दवा बन जाएगा…






